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प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम के खिलाफ गरजा VKSU, सैकड़ों शिक्षक-कर्मचारियों ने दिया धरना

8/10/2026 5:34:46 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Aara : बिहार के प्रस्तावित नए विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को नूतन परिसर स्थित प्रशासनिक भवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में विश्वविद्यालय के विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों, स्नातकोत्तर विभागों और प्रशासनिक विभागों से सैकड़ों शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को समाप्त कर नया अधिनियम लाने के प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना है कि नए कानून से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होने की आशंका है। खास तौर पर महाविद्यालयों का प्रशासनिक नियंत्रण विश्वविद्यालयों से हटाकर सीधे सरकार के अधीन करने के प्रस्ताव का शिक्षकों और कर्मचारियों ने विरोध किया। धरने को संबोधित करते हुए वकुटा अध्यक्ष प्रो. चंचल पाण्डेय और वकुस्टा अध्यक्ष प्रो. दिवाकर पाण्डेय ने कहा कि मौजूदा अधिनियमों ने लंबे समय से विश्वविद्यालयों के लोकतांत्रिक और स्वायत्त स्वरूप की रक्षा की है। प्रस्तावित अधिनियम से प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वकुस्टा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ चौधरी ने भी विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को उच्च शिक्षा के भविष्य से जोड़ते हुए प्रस्तावित कानून का विरोध किया। वहीं वकुटा सचिव डॉ. शशि भूषण राय ने कहा कि यदि प्रस्तावित विधेयक वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा। मोर्चा ने बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को यथावत रखने, महाविद्यालयों का प्रशासनिक नियंत्रण विश्वविद्यालयों के अधीन बनाए रखने और उन्हें सीधे सरकार के अधीन करने का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की लंबित मांगों तथा वेतन विसंगतियों के शीघ्र समाधान की भी मांग उठाई गई। धरने के समापन पर मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति और मुख्यमंत्री के नाम मांग-पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत शिक्षक नेता प्रो. कन्हैया बहादुर को भी श्रद्धांजलि दी गई। सभी शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके योगदान को याद किया। मोर्चा ने साफ किया कि प्रस्तावित अधिनियम वापस लिए जाने तक आंदोलन चरणबद्ध और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
 
आरा से कोयलांचल लाइव के लिए आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट