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साइबर अपराध रोकने के लिए बैंकों की निगरानी बढ़ेगी, म्यूल खातों के फिजिकल वेरिफिकेशन पर जोर

8/19/2026 2:47:05 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए धनबाद पुलिस ने बैंकों के साथ निगरानी बढ़ाने की रणनीति तैयार की है। साइबर सेफ्टी अवेयरनेस वीक के तहत बुधवार को धनबाद समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों के साथ बैठक हुई। बैठक में म्यूल बैंक अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड और चोरी के मोबाइल फोन के जरिए होने वाले साइबर अपराध पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने कहा कि साइबर अपराध में म्यूल बैंक अकाउंट, फर्जी सिम और चोरी के मोबाइल का इस्तेमाल बड़ी चुनौती है। इन माध्यमों पर प्रभावी रोक लगाकर साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
 
नए बैंक खातों का होगा फिजिकल वेरिफिकेशन
बैठक में बैंकों ने नए खुले बचत खातों का समय-समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन करने पर सहमति जताई। इसके तहत खाताधारक के मोबाइल नंबर और अन्य विवरणों की जांच की जाएगी। यह भी सत्यापित किया जाएगा कि खाता संबंधित व्यक्ति ने स्वयं खोला है या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम पर खाता खुलवाया है। पुलिस के अनुसार, कई मामलों में लोगों को पैसे या कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते हैं। बाद में इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़े लेनदेन में किया जाता है। कई खाताधारक पूरे नेटवर्क से अनजान होते हैं, जबकि कुछ लोग जानबूझकर भी ऐसे मामलों में शामिल होते हैं।
 
संदिग्ध खातों की सूचना पुलिस को देने पर सहमति
पुलिस ने बैंकों से अपील की है कि यदि कोई खाता संदिग्ध या म्यूल अकाउंट प्रतीत होता है, तो उसकी जानकारी थाना, डीएसपी या संबंधित पुलिस अधिकारियों को दी जाए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी। ग्रामीण एसपी ने कहा कि वैध दस्तावेज और जानकारी के आधार पर बैंक खाता खोलने से इनकार करना हमेशा संभव नहीं होता। ऐसे में फिजिकल वेरिफिकेशन अतिरिक्त सतर्कता की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
 
अन्य अनुमंडलों में भी होगी बैठक
फिलहाल सिंदरी अनुमंडल क्षेत्र के बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक की गई है। पुलिस अब बाघमारा और निरसा समेत अन्य अनुमंडलों के बैंक प्रबंधकों के साथ भी बैठक कर साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार करेगी। पुलिस का मानना है कि बैंकिंग सिस्टम में सतर्कता बढ़ने और संदिग्ध खातों की समय रहते पहचान होने से साइबर अपराधियों के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल करना मुश्किल होगा। बैंक और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से संदिग्ध लेनदेन पर समय रहते कार्रवाई भी की जा सकेगी।
 
कोयलांचल लाइव डेस्क